Resume Kaise Banaya Jata Hai रिज्यूम कैसे बनाते है

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आज के समय में कहीं भी जॉब के लिए अप्लाइ करते समय डाक्यमेन्ट के साथ अगर कोई भी चीज जो आवश्यक रूप से मांगी जाती है तो वह है आपका रिज्यूम।

हैलो फ़्रेंड्स स्वागत है आपका हमारे ब्लॉग पर आज हम बात करने जा रहे है, कि रिज्यूम कैसे बनाया जाता है? (Resume Kaise Banaya Jata Hai in Hindi), रिज्यूम बनाते समय किन बातों का ख्याल रखना चाहिए? और इससे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण टिप्स, उम्मीद करता हूँ आपको यह पसंद आएगा।

Resume Kaise Banaya Jata Hai in Hindi
Resume Kaise Banaya Jata Hai in Hindi रिज्यूम कैसे बनाया जाता है

रिज्यूम क्या होता है? –

रिज्यूम और करिकुलम विटे (CV) किसी भी व्यक्ति के बारे में व्यापारिक तथा एजुकेशनल एक्टिविटी के रूप में किसी व्यक्ति का परिचय होता है।

इसके माध्यम से हम किसी भी व्यक्ति के बीते समय की उपलब्धियों और उसके एजुकेशन को देख सकते है।

रिज्यूम में किसी व्यक्ति के बारे में जानकारी जैसे नाम, मोबाईल नंबर, एड्रेस, एजुकेशन क्वालिफ़िकेशन, वर्क एक्सपीरियंस, व्यक्ति के अचीवमेंट, कमियों था खूबियों के बारे में लिखा होता है।

अधिकांशतः रिज्यूम एक पेज का होता है जिसमें व्यक्ति से जुड़ी ये सारी जानकारियाँ मौजूद होती है।

एक अच्छा रिज्यूम आपकी जॉब पाने की संभावनाओं को बहुत बढ़ा देता है और खराब रिज्यूम का खराब इंप्रेशन आपके इंटरव्यू पर पड़ता है।

रिज्यूम की जरूरत क्यों पड़ती है? –

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Resume Kaise Banaya Jata Hai in Hindi रिज्यूम कैसे बनाया जाता है

जब भी कोई कंपनी किसी पोस्ट के लिए लोगों की हायरिंग करती है तो उसके लिए बहुत सारे लोगों को बुलाया जाता है जिसमें कई सारे कैंडिडेट जो किसी जॉब के लिए अप्लाई करते हैं।

क्योंकि इतने सारे लोगों की सभी डॉक्यूमेंट को देखना उसके आधार पर सलेक्शन करना एक बहुत मुश्किल टास्क होता है इसलिए इस काम को आसान करने के लिए यहां पर रिज्यूम की मदद ली जाती है।

रिज्यूम की मदद से कुछ ही सेकेंड के अंदर किसी भी कैंडिडेट के बारे में पूरी जानकारी पता की जा सकती हैं क्योंकि इसमें एक ही पेज पर व्यक्ति से जुड़ी सारी जानकारी मौजूद होती है।

इसलिए किसी कंपनी के लिए किसी व्यक्ति को जॉब के लिए शामिल करना काफी ज्यादा आसान हो जाता है।

यही कारण है कि आज के समय में लगभग सभी कंपनियां हायरिंग करने के लिए रिज्यूम की मांग करती ही करती है क्योंकि काम को आसान बनने के लिए बहुत जरूरी है।

इसके अलावा अगर अन्य जगहों पर इसके इस्तेमाल की बात करें तो छात्रवृति लेने के लिए और विश्वविद्यालय में एडमिशन लेने के लिए भी होता है।

लेकिन इन दोनों कामों के लिए इसका प्रयोग अधिकतर विदेशों में ही होता है, भारत में रिज्यूम का प्रयोग आमतौर पर जॉब लेने के लिए किया जाता है।

रिज्यूम कितने प्रकार के होते है? –

क्रोरोनोलॉजिकल रिज्यूम –

इस तरह के रिज्यूम में व्यक्ति के हाल ही में किए गए कार्य अनुभव सबसे ऊपर लिखे जाते है, इसके बाद क्रम के अनुसार इसके बाद के कार्य को लिस्ट के अनुसार नीचे लिखा जाता है।

इसको कुछ इस तरह समझते है कि माँ लीजिए आप कंपनी D में जॉब पाने के लिए आवेदन कर रहे है, इसके पहले आपने 2020 में कंपनी C, 2018 में कंपनी B, 2010 में कंपनी A में काम कर चुके है।

कोरोनोलोजिकल रिज्यूम में सबसे पहले कंपनी C इसके फिर कंपनी B और इसके बाद कंपनी A के बारे में अपना कार्य अनुभव लिखेंगे।

इस तरह के रिज्यूम को सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है, जब भी आप रिज्यूम बनाएं तो किसी भी कंपनी में कार्यअनुभव की गलत जानकारी न भरें क्योंकि इसे Applicant Tracking System (ATS) द्वारा ट्रैक किया जा सकता है।

फंक्शनल रिज्यूम या स्किल रिज्यूम (Skil Resume) –

जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट होता है कि इस तरह के रिज्यूम में व्यक्ति के स्किल पर ज्यादा फोकस किया जाता है।

फंक्शनल रिज्यूम या स्किल रिज्यूम उन लोगों के लिए सही ऑप्शन रहता है, जिनके पास कार्य अनुभव नहीं है।

इसमें व्यक्ति जिस किसी भी जॉब के लिए आवेदन कर रहे होते है उस जॉब से जुड़े स्किल और उपलब्धियों के बारे में विस्तार से लिखा जाता है।

कॉम्बिनेशनल रिज्यूम (Combinational Resume) –

कॉम्बिनेशनल रिज्यूमे को हाइब्रिड रिज्यूम भी कहा जाता है, इस रिज्यूम में स्किल और कार्य अनुभव दोनों को लिखा जा सकता है, यह रिज्यूम उन लोगों के लिए है, जिनके पास हुनर और कार्य करने का अनुभव दोनों है।

टेलर्ड रिज्यूम (Tailored Resume) –

टेलर्ड रिज्यूम को टारगेटेड रिज्यूम भी कहा जाता है, इसे विशेषतः किसी जॉब के लिए लिखा जाता है, जिसमें आपके पास उस विशेष जॉब से ही जुड़ी स्किल होती है और टेलर्ड रिज्यूम में केवल नौकरी से ही जुड़ी जानकारी होती है।

टेलर्ड रिज्यूम किसी व्यक्ति के बारे में यह बताता है कि “यह वह चीज है जो मैं आपके लिए कर सकता हूं,” बजाय इसके कि “आज तक मैंने जो कुछ भी किया है, उसको देखिए”

टेलर्ड रिज्यूम तभी सही है जब अभ्यर्थी को इंटरव्यू देने का अच्छा खासा अनुभव हो।

इन्फोग्राफिक रिज्यूम (Infographic Resume) –

इन्फोग्राफिक रिज्यूम आमतौर पर उन जॉब्स के लिए सही रहता है जहां पर इससे जुड़े काम करने के लिए जॉब उपलब्ध हो, जैसे ग्राफिक डिज़ाइनिंग, विडिओ एडिटिंग, राइटिंग इत्यादि।

इस रिज्यूम में अलग रंग, डिज़ाइन, फ़ॉन्ट स्टाइल, चार्टस, आइकॉन आदि का इस्तेमाल किया जाता है, जो कि देखने में खूबसूरत लगे।

रिज्यूम कैसे बनाये? –

वैसे तो रिज्यूम बनाने के कई ऑप्शन है लेकिन आज हम बिल्कुल फ्री और आसानी से बनाए जाने वाले रिज्यूम के बारे में बात करेंगे।

सबसे पहले गूगल डॉक्स की docs.google.com वेबसाइट पर जाएं और यहां पर आपको रिज्यूम बनाने के लिए कुछ टेम्पलेट मिलेंगे।

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Resume Kaise Banaya Jata Hai in Hindi रिज्यूम कैसे बनाया जाता है

इसमें दी गई डिटेल्स को अपने अनुसार एडिट करना है, आप चाहे तो इसे खूबसूरत तरीके से लिख सकते है।

रिज्यूम लिखते समय इन चीजों को शामिल करें –

1. नाम (Name) – रिज्यूम की शुरुआत आपके नाम से होती है।

2. विवरण (Your Details) – आपके महत्वपूर्ण कॉन्टैक्ट डिटेल्स जैसे, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी (ध्यान दें कि ईमेल आईडी में ऐसे शब्दों का प्रयोग न करें जो सस्ते लगते हों जैसे – hacker, lovely, king आपकी ईमेल आईडी में आपका नाम और यदि वह नाम नही उपलब्ध है तो नाम के आगे डॉट लगाकर अपना सरनेम या नाम के आगे नंबर लगा सकते है याद रहे नंबर कोशिश करें कि तीन या चार अंकों में हो तो बेहतर है।

3. आपका लिंक्ड इन प्रोफाइल (Social Bio) – यह आज के समय में बहुत ही जरूरी है कि आपकी एक लिंक्ड इन प्रोफाइल हो, आज के समय में इसको रिज्यूम से ज्यादा अहमियत दी जाती है।

आज के समय में लगभग सभी कंपनियां इस प्लेटफार्म पर मौजूद है और कई बार तो यहीं से हायरिंग भी करती है, इसलिए आपको अपना अकाउंट जरूर बना लेना चाहिए।

4. वेबसाईट (website) – यदि आपकी कोई वेबसाइट है तो उसे भी शामिल कर सकते है नहीं तो इसे छोड़ सकते है या कोई ऑनलाइन आइडेंटिटी जैसे सोशल मीडिया अकाउंट है तो उसे एड कर सकते है।

5. एक्सपीरियंस (Experience) – यदि आप फ्रेशर नही है तो अभी के समय में जो काम कर रहे है, वहां से शुरू होकर, सबसे पहले जो चीज आपने शुरू करी थी वहां तक लिखते है।

इसमें इन पॉइंट्स को जरूर शामिल करें –

  • आपकी कंपनी का नाम
  • वहां किस पद पर थे
  • वहां कितने समय तक काम किया (तिथि या डेट लिखने की जरूरत नहीं, month और year को लिखें)
  • कंपनी के बारे में एक लाइन में शॉर्ट डिस्क्रिप्शन, जो कंपनी कितनी अच्छी, कितनी बड़ी है, कैसी है? इसके बारे में लिखिए।

6. उपलब्धियां (Archivement) – कंपनी के बारे में लिखने के बाद अपने उपलब्धियों के बारे में लिखें, आप जो काम कर रहे थे उसे कितने अच्छे ढंग से किया और आपने उसे कितना ग्रो किया।

आप यदि सेल्समैन की जॉब करते थे ये तो सभी को पता होगा कि उसमें सेल्स लाना होता है, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि आपने उस कंपनी में रहकर कितना बिजनेस ग्रो किया, या आपने एंड रिजल्ट में कितना प्रॉफिट किया ये मायने रखता है।

7. एजुकेशन (Education) – अगर आप कहीं काम करते है तो आपकी सबसे लेटेस्ट एजुकेशन के बारे में जानकारी लिखें, ध्यान दें आपको सबसे ज्यादा ध्यान इस सेक्शन पर देना है, यह आपको सही से सोचकर लिखना है, ताकि सामने वाले के उपर एक अच्छा इंप्रेशन पड़े।

  • स्कूल/कॉलेज का नाम
  • डिग्री
  • पास करने का वर्ष

किसी भी सर्टिफिकेट के मार्क्स को लिखने की जरूरत नहीं है, लेकिन यदि आपके बहुत अच्छे मार्क्स आए है तो उसे लिख सकते है, यदि आपको नहीं लगता है कि मेरे अच्छे मार्क्स नहीं है तो तो इसे न लिखें।

साथ ही यदि जरूरत हो तो 10th और 12th तक लिखें, अन्यथा इसे न लिखें, छोड़ सकते है।

8. अन्य जानकारी (Extra Curricular Activites) – बहुत से लोग इस सेक्शन में अपनी वर्क अचिवमेंट लिखते है, जैसे – Was Awarded the Best Employ of The Month, Was Promoted in The First Year itself ये सारी चीजें आपको अपने अचिवमेंट वाले सेक्शन में लिखनी है, न कि एक्स्ट्रा करीकुलर एक्टिविटिज के सेक्शन में।

यहाँ पर आपको वो चीजें लिखनी है जो आपको बाकियों से अलग करती है, जैसे – हॉबीज, कुछ ऐसा जो आपको टीम प्लेयर के बारे में बताता हो, आपके अंदर के लीडर को दिखाता हो, आप चीजों को जल्दी सीखते हो, कई चीजों में इन्टरेस्ट हो, आपके कई जगह इन्टर्नशिप किया हो।

9. स्किल्स (Skills) – हर एक जॉब के लिए आपको अलग-अलग रिज्यूम बनाना चाहिए, क्योंकि अलग-अलग जॉब के लिये अलग-अलग स्किल की जरूरत पड़ती है।

अगर आप एक फ्रेशर है तो जाहीर सी बात है आपके पास कोई एक्सपीरियंस नहीं होगा, तो अपना रिज्यूम इससे स्टार्ट करने की बजाय अपने एजुकेशन से शुरू करें।

इसके बाद फिर स्कूल/कॉलेज की डिग्री और फिर उसके बाद इससे जुड़ी चीजें लिखेंगे।

और इसके बाद वो चीजें लिखेंगे कि आपने कालेज या स्कूल के दौरान क्या चीजें एक्टिविटीज की जिससे आने वाले समय में आप एक अच्छे प्रोफेशनल बन सकते है।

10. Save Your Resume –

गूगल डॉक्स की मदद से जब ये सारी चीजें पूरी हो जाएं तो, ऊपर बाईं ओर सबसे उपर दिए गए “File” के बटन पर क्लिक करके “Download” बटन पर क्लिक करें अब यहाँ पर आपके सामने कई सारे ऑप्शन खुलकर सामने आ जाएंगे, यहाँ से आपको pdf का फॉर्मैट चुन लेना है।

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Resume Kaise Banaya Jata Hai in Hindi रिज्यूम कैसे बनाया जाता है

इसके बाद आपका रिज्यूम डाउनलोड होकर मिल जाएगा, इस लिंक को आप बाद में इस रिज्यूम को एडिट करने के लिए सेव करके रख सकते है।

ध्यान दें इस फाइल को ओपन करके बाद में एडिट करने के लिए उसी ईमेल आइडी का प्रयोग करना होगा जिससे आपने अपना रिज्यूम बनाया था।

अपने रिज्यूम में ये चीजें जरूर शामिल करें –

1. लोगों के लिए पढ़ने के लिए आसान बनाएं अपने रिज्यूमे में चीजों को इस तरीके से लिखे कि
यह किसी को भी आपके बारे में आसानी से अमझ में आ जाए।

2. अपने बारे में लिखते समय अंडरलाइनिंग, इटैलिक, Bold अक्षरों का थोड़ा प्रयोग जरूर करें इससे यह आपके शब्दों को और अधिक प्रभावशाली बनाता है।

3. अपने फॉर्मेट और कंटेंट को लेकर कंसिस्टेंट रहे कहने का मतलब जैसा आप शुरुआत में खुद को व्यक्त कर रहे हैं वैसा ही अंत में भी होना चाहिए ऐसा ना हो कि आप शुरुआत में कुछ और तरीके से लिख रहे और लास्ट में आपका लिखने का तरीका ही बदल गया है।

रिज्यूम बनाने के लिए खास टिप्स –

1 इस बात का खास ख्याल रखेंगे आप अपना जो भी रिज्यूमे बना रहे हैं वह आपका एक पेज के अंदर ही हो जाना चाहिए दूसरे पेज पर आपका डाटा न जाने पाए।

2 आमतौर पर जब भी कोई कंपनी आपको हायर करती हैं तो उनके पास इतना अधिक समय नहीं होता कि वह आपके कई सारे पेज को पढ़ लेंगे इसलिए आप कोशिश करें कि सिंगगल पेज पर ही आपके बारे में सारा डेटा मौजूद हो।

2 अब जो भी अपने रिज्यूमे में लिख रहे हैं उसे हमेशा एक्टिव वॉयस में लिखें।

3 लिखते समय इस बात का ध्यान रखें कि आप अपनी स्किल को दूसरों के सामने एक्सप्रेस करें ना कि किसी दूसरे को इंप्रेस करें।

4 हमेशा अपने रिज्यूमे में फैक्ट बेस्ट इंफॉर्मेशन ही डालें बिना किसी सॉलिड रीजन के कोई भी ऐसी बात ना लिखें जिससे आप ना जानते हों, अपने अनुमान के आधार पर ऐसी चीजें लिखने से बचें क्योंकि यह आपको आपके रिज्यूमे को इतना पावरफुल नहीं बनाते जितना कि वह होना चाहिए।

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Summary –

तो दोस्तों, रिज्यूम कैसे बनाया जाता है (Resume Kaise Banaya Jata Hai in Hindi) इसके बारे में यह आर्टिकल आपको कैसा लगा हमें जरूर बताएं और यदि इस टॉपिक से जुड़ा आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो उसे नीचे कमेन्ट बॉक्स में लिखना न भूलें, इस आर्टिकल को लिखने में पूरी सावधानी रखी गयी है, फिर भी किसी प्रकार कि त्रुटि पाए जाने पर कृपया हमें जरूर बताएं।

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